नाइट शिफ्ट के बाद शख्स को सुबह मिली ऐसी जिम्मेदारी, बंदे ने बॉस से कहा- ‘मैं अंदर से टूट गया हूं!’

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ऑफिस में काम का है तगड़ा प्रेशर

बचपन से ही हर इंसान का सपना होता है कि किसी का सपना होता है कि वो बड़ा होकर नौकरी करे और खूब पैसे कमाए. इसको लेकर मां-बाप अच्छे-अच्छे सपने भी दिखाते हैं, लेकिन सच्चाई इसकी एकदम उलट होती है. जब नौकरी की हम शुरुआत करते हैं तो हमें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. इसी से जुड़ी एक कहानी इन दिनों लोगों के बीच सुर्खियों में है. जहां एक शख्स ने बताया कि नौकरी के भीतर एक कर्मचारी को कितना प्रेशर झेलना पड़ता है.

हालांकि कर्मचारियों के स्ट्रगल को देखने के बाद कंपनियों को ये सोचना चाहिए कि वो अपने कर्मचारियों के लिए कितने सहायक साबित हो रहे हैं. वैसे इससे जुड़ी जो कहानी सामने आई है उसे देखने के बाद लोग काफी ज्यादा हैरान नजर आ रहे हैं. शख्स ने अपनी कहानी में रेडिट पर शेयर करते हुए लिखा कि मैं अपनी नौकरी से इस कदर परेशान हूं कि अंदर से पूरी तरह टूट चुका हूं. शख्स की इस कहानी को जानने के बाद हर कोई हैरान है और उसे नौकरी छोड़ने की सलाह दे रहा है.

यहां देखिए पोस्ट

As sleep deprivation is a well-documented form of torture, how does corporates justify making their employees work 24/7?
byu/AloofHorizon inIndianWorkplace

अपनी कहानी के बारे में शख्स ने r/IndianWorkplace पर लिखा कि मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट विभाग में काम करता हूं. हाल के दिनों में मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ कि मेरे ऑफिस में मेरी नाइट शिफ्ट लगी. जहां पूरी रात जागकर मुझे मेरे सिस्टम की स्क्रीन देखनी पड़ती है. इस दौरान मेरा ये काम रहता है कि अगर प्रोग्राम स्क्रीन में किसी तरह की कोई दिक्कत आए तो हम उसे ठीक करते हैं. अब मैं पूरी रात जागने के बाद अपने काम को अच्छे से करता हूं, लेकिन मेरा बुरा वक्त सुबह से शुरू हो जाता है.

दरअसल हुआ यूं कि मेरे बॉस ने मुझे अलग लेवल की जिम्मेदारी पकड़ा दी और अपने काम को 12 बजे तक जारी रखने को कहा, बॉस की बात को मानकर मैंने काम पूरी शिद्दत के साथ किया और फिर घर पहुंचकर सोने की कोशिश की, लेकिन सो नहीं पा रहा था. ऐसा मेरे साथ कई दिनों तक चला. अपनी कहानी को बताने के साथ शख्स ने कहा कि मैं अंदर से बुरी तरह टूट चुका हूं और अब नौकरी नहीं करना चाहता हूं.

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