अगर आप हरियाणा में रहते हैं और नई गाड़ी खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो हरियाणा सरकार की यह स्कीम आपके काफी पैसे बचा सकती है. दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 मार्च को बतौर वित्त मंत्री राज्य सरकार का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया, जो पिछले संशोधित अनुमान से 10 प्रतिशत ज्यादा है. सरकार ने इस बजट को जनता के सुझावों पर आधारित बताया है और शहरी विकास परिवहन सुधार और रोजगार जैसे मुद्दों पर खास जोर दिया है. इस बजट में हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी कई बड़े फैसले लिए हैं.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए साफ किया है कि सरकार का फोकस महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, सुरक्षित परिवहन और सुविधाओं का विस्तार करने पर रहेगा. इसी के आधार पर अब राज्य अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी, बेटी या मां के नाम पर गाड़ी खरीदता है तो उसे रजिस्ट्रेशन में भी खास छूट दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इस फैसले से महिलाओं के नाम पर संपत्ति बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी टैक्स में एक्स्ट्रा राहत देने की हरियाणा सरकार ने घोषणा की है . ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि हरियाणा में पत्नी, बेटी या मां के नाम गाड़ी लेंगे तो रजिस्ट्रेशन में कितनी छूट मिलेगी?
महिलाओं के नाम पर गाड़ी लेने पर मिलेगी इतनी छूट
राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुसार महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड गैर परिवहन वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. यानी अगर कोई महिला अपने नाम से कार या निजी वाहन खरीदती है तो रजिस्ट्रेशन के समय टैक्स में सीधा लाभ मिलेगा. सरकार का कहना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा परिवार महिलाओं के नाम पर वाहन रजिस्टर करवाने के लिए प्रोत्साहित होंगे. वहीं राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पहले से मिल रही 20 प्रतिशत मोटर वाहन कर छूट को और बढ़ाने का फैसला लिया गया है. यह छूट दो पहिया, चार पहिया, इलेक्ट्रिक वाहन और ई-रिक्शा पर लागू होगी. इस फैसले को लेकर सरकार का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और साफ ऊर्जा वाले वाहनों को बढ़ावा देना है.
बसों और सुरक्षा पर भी बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्तमान में महिला यात्रियों और छात्रों के लिए चल रही 273 विशेष बसों की संख्या बढ़कर 500 करने की घोषणा की. इसके अलावा सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे. महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की सुविधा भी दी जाएगी, जिसकी निगरानी केंद्रीकृत कमान एवं कंट्रोल सेंटर से होगी. वहीं पैनिक बटन दबाने पर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिलेगी और मदद भेजी जाएगी. इसके अलावा नूंह, फरीदाबाद, अंबाला और गुरुग्राम में चालक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान बनाए जाएंगे. हर जिले में एक स्वचालित वाहन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जबकि रोहतक के मौजूदा केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा. वहीं लोगों को बसों की लोकेशन और समय की जानकारी देने के लिए 15 अगस्त 2026 तक एक मुफ्त सिटीजन मोबाइल एक भी शुरू किया जाएगा.
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